नयी दिल्ली। सरकार ने लोगों को शनिवार को एक बार फिर आश्वस्त किया कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों (LPG cylinders) की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है तथा शुक्रवार को देश में 54 लाख से अधिक एलपीजी रीफिल वितरित किए गए। पेट्रोलियम (Petroleum) और गैस (Natural Gas) मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में निरंतर बिगड़ती स्थिति और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने के मद्देनजर एक बयान जारी कर देश में ऊर्जा की स्थिति और उससे निपटने की तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।
बयान में कहा गया है कि देश में वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। वाणिज्यिक संस्थाओं ने 14 मार्च से अब तक 33,781 टन गैर-घरेलू एलपीजी लिया है। अब तक 938 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया है जिनमें पिछले 24 घंटों में वापस लाये गये 25 नाविक शामिल हैं। पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के बीच भारत सरकार भारतीयों के लिए निकासी और सहायता प्रयास जारी रखे हुए है । लगभग 5 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं क्योंकि निकासी और उड़ान संचालन जारी है।मंत्रालय ने बयान में कहा गया है कि अफवाहों से उत्पन्न घबराहट में की गई खरीदारी की कुछ अलग-थलग घटनाओं के बावजूद, देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का भंडार पर्याप्त बना हुआ है।
सरकार ने बताया कि घरेलू पीएनजी और सीएनजी परिवहन के लिए प्राकृतिक गैस आपूर्ति को 100 प्रतिशत प्राथमिकता दी गई है, जबकि ग्रिड से जुड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत का 80 प्रतिशत प्राप्त हो रहा है। वाणिज्यिक एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए, सिटी गैस वितरण कंपनियों को रेस्तरां, होटलों, कैंटीनों और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को तेजी से आगे बढ़ाने की सलाह दी गई है। प्रमुख सीजीडी संचालकों, जिनमें आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल शामिल हैं, ने पीएनजी अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं।
बयान में कहा गया है कि वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, घरेलू एलपीजी आपूर्ति स्थिर बनी हुई है, और वितरक केंद्रों पर किसी भी कमी की सूचना नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग 91 प्रतिशत तक पहुंच गई है, और आपूर्ति प्रमाणीकरण 84 प्रतिशत तक बढ़ा है ताकि दुरुपयोग को रोका जा सके। मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को देशभर में 54 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी रीफिल वितरित किए गए। वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन को भी धीरे-धीरे संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक बहाल किया गया है, जिसमें रेस्तरां, होटल, औद्योगिक कैंटीन, इस्पात, वस्त्र, रसायन और प्लास्टिक जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। देश में 14 मार्च से अब तक वाणिज्यिक संस्थाओं ने 33,781 टन गैर-घरेलू एलपीजी ली है, जबकि शुक्रवार को प्रवासी श्रमिकों और छोटे उपभोक्ताओं के लिए पांच किलोग्राम के 46,000 से अधिक एफटीएल सिलेंडर बेचे गए।
सरकार ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपनी शक्तियों की याद दिलाई गई है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। पिछले 24 घंटों में राज्यों में लगभग 2,900 छापे मारे गए और 1,700 से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने 1,600 से अधिक ईंधन पंपों और एलपीजी वितरकों पर औचक निरीक्षण किए, और अब तक 390 से अधिक कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि भारत भर में बंदरगाह संचालन सुचारु बने हुए हैं और कहीं भी भीड़भाड़ नहीं है। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के समुद्री बोर्डों ने माल ढुलाई और पोत संचालन के सामान्य रूप से चलने की पुष्टि की है। एशिया क्षेत्र में, 540 भारतीय नाविकों को लेकर 20 भारतीय ध्वज वाले जहाजों की करीबी निगरानी की जा रही है। पिछले 24 घंटों में इन जहाजों से संबंधित कोई घटना सामने नहीं आई है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह क्षेत्र में भारतीय मिशनों और स्थानीय प्राधिकरणों के साथ लगातार संपर्क में है, और भारतीय नागरिकों के लिए चौबीसों घंटे हेल्पलाइन संचालित हैं। गत 28 फरवरी से अब तक लगभग 4.97 लाख यात्री निर्धारित और विशेष उड़ानों के माध्यम से पश्चिम एशिया से भारत लौट चुके हैं। सरकार ने यह भी पुष्टि की कि अबू धाबी में गिरते मलबे से घायल हुए पांच भारतीय खतरे से बाहर हैं और उन्हें आवश्यक सहायता मिल रही है। जनता से घबराने से बचने का आग्रह करते हुए, सरकार ने नागरिकों को पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की अनावश्यक खरीद से बचने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी। लोगों को डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करने, पीएनजी और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने और ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। केन्द्र सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि निर्बाध ईंधन आपूर्ति बनाए रखना, समुद्री संचालन की सुरक्षा करना और विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एवं कल्याण सुनिश्चित करनाउसकी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।



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