Budget 2026 : ये 10 शब्द आपको समझने में मदद करेंगे कि सरकार क्या कह रही है

Sun, Feb 01 , 2026, 11:47 AM

Source : Hamara Mahanagar Desk

Union Budget 2026: यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आज, 1 फरवरी को पार्लियामेंट में देश का बजट 2026 (Budget 2026) पढ़ना शुरू कर दिया है। बजट, बजट और इसकी कुछ मुश्किलों और आंकड़ों की वजह से कई लोग बजट को समझ नहीं पाते। या उन्हें कुछ शब्द समझ नहीं आते। ऐसे में आपको बजट की यह वोकैबुलरी जाननी होगी। बजट को आसान बनाने वाले इन शब्दों का मतलब जानें (बजट वोकैबुलरी)

बजट से पहले इन शब्दों का मतलब समझें

1- बजट एस्टीमेट

बजट में मिनिस्ट्री, अलग-अलग डिपार्टमेंट, रीजन, स्कीम के लिए दिए जाने वाले फंड का एस्टीमेट होता है। इसमें यह एस्टीमेट होता है कि फंड का कितना और कहां इस्तेमाल होगा।

2- एनुअल फाइनेंशियल स्टेटमेंट (AF)

एनुअल फाइनेंशियल स्टेटमेंट एक डॉक्यूमेंट होता है। इसमें फाइनेंशियल ईयर के दौरान सरकार की इनकम, रेवेन्यू और खर्च के बारे में बताया जाता है।

3- डायरेक्ट टैक्स

डायरेक्ट टैक्स रेवेन्यू, जो सीधे टैक्सपेयर्स से इकट्ठा किया जाता है। इसमें इनकम टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स शामिल हैं।

4- इकोनॉमिक सर्वे

इकोनॉमिक सर्वे बजट सेशन के दौरान पेश किया जाता है। यह बजट आने वाले फाइनेंशियल ईयर में इकोनॉमी की रफ़्तार और उसके परफॉर्मेंस के बारे में जानकारी देता है।

5- फाइनेंस बिल

फाइनेंस बिल एक डॉक्यूमेंट होता है। यह डॉक्यूमेंट नए टैक्स लगाने, नए टैक्स बदलने या टैक्स सिस्टम को बनाए रखने के बारे में जानकारी देता है।

6- फिस्कल डेफिसिट

फिस्कल डेफिसिट पिछले फाइनेंशियल ईयर के लिए सरकार के कुल खर्च और रेवेन्यू के बीच का अंतर होता है। इसके लिए कई और उपाय किए जाते हैं। कई बार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से लोन भी लिया जाता है। यह ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट के परसेंटेज पर निर्भर करता है।

7- इनडायरेक्ट टैक्स

ये टैक्स टैक्सपेयर्स से इनडायरेक्ट तरीके से इकट्ठा किए जाते हैं। इसमें GST, VAT, कस्टम ड्यूटी, एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स या दूसरे टैक्स शामिल हैं।

8- महंगाई

देश के अंदर अलग-अलग सामान, सर्विस और रोज़ाना की ज़रूरतों की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई पर असर पड़ता है। महंगाई जितनी ज़्यादा होगी, कंज्यूमर खर्च उतना ही बढ़ेगा।

9- नया टैक्स सिस्टम

2022 में, नए टैक्स सिस्टम में रियायती दरों पर सात टैक्स स्लैब हैं। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के दौरान, नया टैक्स सिस्टम डिफ़ॉल्ट हो गया है। पुराना टैक्स सिस्टम एक दूसरा सिस्टम है।

10- पुराना टैक्स सिस्टम

पुराने टैक्स सिस्टम में चार टैक्स सिस्टम हैं। इसमें 10 लाख रुपये से ज़्यादा की इनकम पर 30% से ज़्यादा टैक्स लगता है।

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