जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जल जीवन मिशन (Namami Gange Rural Water Supply) के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और मानकविहीन निर्माण का आरोप लगाते हुये मुख्यमंत्री से पूरे मामले की विशेष जांच की मांग की गयी है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के जिला प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि वह पिछले काफी समय से जिले के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सड़क और दूषित पेयजल की आपूर्ति का मुद्दा स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाते रहे हैं मगर हर बार उनको सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा है। उन्होने कहा कि काफी समय हो जाने के कारण ग्राम पंचायत की सड़क खुदी पड़ी हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का अकाल है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) को शिकायती पत्र में ठेकेदार कंपनियों, अधिकारियों और पर्यवेक्षण एजेंसियों की कथित मिलीभगत से शासकीय धन के गबन का आरोप लगाया है।
शिकायत में बताया गया है कि मेसर्स ब्रजगोपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रा.लि. एवं एसपीएमएल इन्फ्रा लि. (जॉइंट वेंचर) को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा जालौन जिले के जालौन, कुठौंद, कदौरा, माधौगढ़, महेवा, नदीगांव और रामपुरा विकास खंडों के 270 ग्रामों में सतही जल एवं भूजल आधारित पेयजल योजनाओं के निर्माण, कमीशनिंग तथा 10 वर्षों के संचालन एवं अनुरक्षण का अनुबंध दिया गया था। आरोप है कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं हुआ, इसके बावजूद कंपनी को भारी भुगतान कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब कंपनी समय पर निर्माण कार्य ही पूरा नहीं कर पा रही, तो 10 वर्षों के मेंटीनेंस की जिम्मेदारी निभाने की उसकी क्षमता भी संदेह के घेरे में है।
इसी तरह मेसर्स जीवीपीआर कंपनी द्वारा सला घाट नदी से डकोर व कोंच विकास खंड के ग्रामों में जलापूर्ति योजना का कार्य कराया जा रहा है, जिसमें लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बावजूद 70 प्रतिशत से अधिक भुगतान कर दिए जाने का आरोप है। कई ग्रामों में केवल 25 से 35 प्रतिशत घरों तक ही जलापूर्ति हो पा रही है, जिससे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट "हर घर जल योजना" की मंशा प्रभावित हो रही है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बोरवेल की गहराई कागजों में 100 मीटर दर्शाकर भुगतान लिया गया, जबकि वास्तविक गहराई 75 से 90 मीटर पाई गई।
टंकियों के निर्माण में रेडीमेड संरचनाओं का उपयोग किया गया, जिनसे पानी रिसने लगा है। स्टाफ क्वार्टरों में किचिन, शौचालय, विद्युत आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। आरओ प्लांट और क्लोरीन मिक्सिंग प्वाइंट भी कई स्थानों पर नहीं लगाए गए। सड़क खुदाई के बाद सड़कों को पूर्ववत न करने के बावजूद करोड़ों रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने इसे शासकीय धन की गंभीर क्षति बताया है। मामले से संबंधित समाचार पत्रों की कटिंग्स और पूर्व में भेजे गए पत्रों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी स्वतंत्र एजेंसी से समयबद्ध विशेष जांच कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Sat, Jan 24 , 2026, 01:50 PM