सोल। दक्षिण कोरिया में महाभियोग का सामना कर रहे राष्ट्रपति यून सुक योल (Yoon Suk-yeol) को 2024 में मार्शल लॉ लागू करने के उनके असफल प्रयास में सत्ता के दुरुपयोग, न्याय (District Court) में बाधा डालने एवं दस्तावेज़ों में हेराफेरी करने के आरोप में पांच साल जेल की सजा सुनायी गयी है। यह फैसला सोल केंद्रीय जिला न्यायालय ने शुक्रवार को सुनाया। दिसंबर 2024 में पूर्व राष्ट्रपति यून द्वारा संक्षिप्त रूप से घोषित मार्शल लॉ से संबंधित चार मुकदमों में से यह पहला फैसला है। यह मार्शल लॉ अल्पकालिक रहा, लेकिन इससे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया और सांसदों को इस फैसले को पलटने के लिए राष्ट्रीय संसद में जाना पड़ा। न्यायाधीश ने अपने निर्णय में कहा, “ श्री यून के कार्यों ने देश को राजनीतिक संकट में डाल दिया, हालांकि पूर्व राष्ट्रपति ने इसके लिए कभी कोई पश्चाताप नहीं दिखाया।”
सोल की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में न्यायाधीश बेक डे-ह्यून (Baek Dae-hyun)ने कहा कि श्री यून संविधान एवं कानून के शासन को बनाये रखने में विफल रहे हैं। अल जज़ीरा ने न्यायाधीश बेक के हवाले से कहा, “ राष्ट्रपति के रूप में संविधान को बनाये रखने एवं कानून के शासन का पालन करने का कर्तव्य सर्वोपरि था लेकिन उन्होंने इसके विपरीत संविधान की अवहेलना करने वाला रवैया अपनाया। ” आज के फैसले से श्री यून के शेष मुकदमों के परिणामों का आभास मिल सकता है, जिनमें सत्ता के दुरुपयोग से लेकर चुनावी कानून के उल्लंघन तक के आरोप शामिल हैं। योनहाप न्यूज के अनुसार, अदालत ने पाया कि श्री यून ने जनवरी 2025 में उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे जांचकर्ताओं के काम में बाधा उत्पन्न की, कैबिनेट सदस्यों के अधिकारों का उल्लंघन किया, जिनसे मार्शल लॉ योजना पर परामर्श नहीं लिया गया और अध्यादेश हटाये जाने के बाद एक संशोधित मार्शल लॉ घोषणा का मसौदा तैयार किया और बाद में उसे खारिज कर दिया।
उन पर सुरक्षित सैन्य फोन के रिकॉर्ड को हटाने का आदेश देने का भी आरोप लगाया गया। प्रेस बयानों और दो कैबिनेट सदस्यों के अधिकारों से संबंधित कुछ आरोपों से उन्हें बरी कर दिया गया। पूर्व राष्ट्रपति यून की उपस्थिति में और सीधे प्रसारण में सुनवाई करते हुए न्यायाधीश बेक ने अपराधों को बहुत गंभीर बताया और कहा कि उच्च पदस्थ अधिकारियों के लिए भ्रष्टाचार जांच कार्यालय ने अपने अधिकार क्षेत्र में रहकर कार्रवाई की है। विशेष अभियोजकों ने श्री यून के कृत्यों को गंभीर अपराध बताते हुए 10 साल की सजा की मांग की थी, जिसमें अपने कृत्यों को छिपाने और उचित ठहराने के लिए देश के संस्थानों का निजीकरण करना शामिल है। इस फैसले से 19 फरवरी को होने वाले एक अलग मुकदमे का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिसमें अभियोजकों ने श्री यून पर मार्शल लॉ लागू करने के अपने संक्षिप्त प्रयास के दौरान विद्रोह का नेतृत्व करने का आरोप लगाया है और मृत्युदंड की मांग की है।योनहाप न्यूज़ के अनुसार, श्री यून को कुल आठ मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें उनकी पत्नी के कथित भ्रष्टाचार और 2023 में एक नौसैनिक की मौत का मामले शामिल हैं। यह तीसरी बार है, जब दक्षिण कोरिया के किसी पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ मुकदमे का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। इससे पहले 2018 में राष्ट्रपति पार्क ग्यून-हे और ली म्युंग-बाक के मुकदमों की कार्यवाही का सीधा प्रसारण हुआ था।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Fri, Jan 16 , 2026, 06:50 PM