World Yoga Day 2023 : योग शरीर और मस्तिष्क को सेहतमंद (body and mind healthy) रखने में ख़ास रोल अदा कर सकता है. ये जानने के बावजूद भी ज्यादातर लोग इसकी अहमियत को नजरअंदाज कर देते हैं. योग की इसी खासियत को लोगों को समझाने के लिए हर साल 21 जून को विश्व योग दिवस (International yoga day) मनाया जाता है. वैसे तो योग के सभी आसन अपने आप में काफी असरदार होते हैं. लेकिन कई बार लोगों को कुछ योगासन काफी कठिन भी महसूस होते हैं. जिसके चलते चाहकर भी वो योग को नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसे में कुछ आसान और असरदार आसन को आप ट्राई कर सकते हैं.

योग के कई आसन बहुत ही आसान हैं जो आपकी सेहत को बेहतर बनाने में काफी मददगार सबित हो सकते हैं. जिसके बारे में बता रही हैं डॉक्टर वंदना अवस्थी, जो कि लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के फिजियोलॉजी डिपार्टमेंट में रिसर्च एसोसिएट के पद पर कार्यरत हैं.
भुजंगासन(Bhujangasana)

सबसे पहले मैट को जमीन पर बिछाकर पेट के बल इस पर लेट जाएं और चेहरा जमीन की ओर रखें. इस दौरान दोनों पैरों को पीछे की तरफ सीधा रखें और दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें. अब दोनों हाथों की हथेलियों को कंधों के बराबर में लाएं और लंबी सांस लेते हुए पेट के ऊपर की बॉडी को जमीन से ऊपर की ओर उठाएं. इस दौरान जमीन को छूने वाले शरीर के हिस्सों में केवल आपकी हथेलियां और निचला शरीर ही होना चाहिए. इसके बाद सांस को अंदर की ओर खींचे और ऊपर की तरफ देखते हुए इसी स्थिति में 30 सेकेंड रुकें. फिर सांस को बाहर की ओर छोड़ते हुए धीरे-धीरे पहली वाली स्थिति में आ जाएं.
इस आसन को आप रोजाना 3-4 बार दोहरा सकते हैं. इसको करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत और लचीली बनती है. साथ ही मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और वजन कम करने में मदद मिल सकती है. इतना ही नहीं ये आसन कमर के निचले हिस्से को मजबूत बनाए में भी मददगार है. लेकिन इस आसन को उन लोगों को नहीं करना चाहिए जो हर्निया, पीठ में चोट, कार्पल टनल सिंड्रोम या सिरदर्द से जूझ रहे हैं.
उष्ट्रासन(Ustrasana)

उष्ट्रासन को करने के लिए मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं और अपने हाथों को एड़ियों पर रख लें. ध्यान रखें कि इस दौरान आपके घुटने और कंधे एक ही लाइन में हों और आपका चेहरा छत की तरफ रहे. इसे करने के दौरान अपनी कमर को पीछे की तरफ मोड़ें और धीरे से हथेलियों की पकड़ को पैरों पर मजबूत करें. फिर सांस को भीतर की ओर लें और 10-20 सेकंड के लिए इसी स्थिति में रहें, फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे पुरानी अवस्था में लौट आएं.
उष्ट्रासन करने से पाचन को सुधारने में मदद मिलती है. साथ ही बैली फैट कम होता है और ये कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द को भी कम करता है. कमर और कंधों को मजबूत बनाने में भी ये काफी कारगर है. लेकिन इस आसन को करने के बाद आपको निचले पेट, जांघों, गले, टखने, जांघ की मांसपेशियों और गले में खिंचाव महसूस हो सकता है.
सेतु बंधासन(Setu Bandhasana)

सेतु बंधासन करने के लिए सबसे पहले मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और अपनी सांसो की गति को सामान्य रखें. इसके बाद आप अपने दोनों हाथों को बगल में रखे और फिर धीरे-धीरे अपने पैरों को घुटनों से मोड़कर हिप्स के पास में लेकर आएं. फिर अपने हिप्स को फर्श से ऊपर की ओर उठाएं लेकिन अपने हाथों को जमीन पर ही रखें. अब कुछ देर के लिए सांस को रोककर रखें और फिर सांस छोड़ते हुए वापस जमीन पर आएं. फिर कुछ देर पैरों को सीधा करके दस सेकेंड आराम करें और फिर से इस आसन को ट्राई करें.सेतु बंधासन करने से पाचन और मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है. साथ ही एंग्जाइटी, थकान, कमर दर्द और सिरदर्द जैसी दिक्कत कम होती है. फेफड़ों की क्षमता भी इस आसन को करने से बेहतर बनती है और थायरॉयड की समस्या में भी फायदा होता है. इसके साथ ही ये दिमाग को शांत रखता है और रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है. लेकिन जिन लोगों को गर्दन और कमर में चोट लगने की शिकायत हो या दर्द रहता हो, तो इस आसन को करने से आपको बचना चाहिए.



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Wed, Jun 21 , 2023, 11:38 AM