Kamakhya Shaktipeeth: कामाख्या शक्तिपीठ असम के गुवाहाटी में नीलांचल पहाड़ी पर स्थित एक अत्यंत प्राचीन और रहस्यमयी शक्तिपीठ है, जो 51 शक्तिपीठों में से एक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यहां माता सती की योनि गिरी थी, इसलिए इसे 'योनिपीठ' भी कहा जाता है। यहां देवी की कोई मूर्ति नहीं, बल्कि एक शिला (पत्थर) की पूजा की जाती है। यह मंदिर तंत्र साधना का प्रमुख केंद्र है।
मुख्य विशेषताएं:
अंबुबाची मेला: यह वार्षिक उत्सव सबसे महत्वपूर्ण है, जब माना जाता है कि देवी मासिक धर्म से गुजरती हैं। इस दौरान मंदिर के कपाट तीन दिन के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
प्रसाद: यहाँ भक्तों को एक अनोखा प्रसाद - 'लाल रंग का कपड़ा' (अंबुबाची के समय) दिया जाता है, जिसे बहुत पवित्र माना जाता है।
पूजा का स्वरूप: यहां कोई पारंपरिक मूर्ति नहीं है, बल्कि एक प्राकृतिक शिला और जलस्रोत की पूजा होती है।
मान्यता: इसे सृजन, शक्ति और उर्वरता का प्रतीक माना जाता है।
दर्शन और यात्रा की जानकारी:
स्थान: नीलांचल पर्वत, गुवाहाटी, असम।
समय: सामान्यतः सुबह 7:00 बजे से दर्शन शुरू हो जाते हैं, लेकिन भीड़ के अनुसार यह बदल सकता है।
कैसे पहुंचें: गुवाहाटी रेलवे स्टेशन या लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से टैक्सी के जरिए आसानी से पहुँचा जा सकता है।
ध्यान दें: मंदिर परिसर में अक्सर बहुत भीड़ होती है, इसलिए वीआईपी दर्शन टिकट लेने से आसानी से दर्शन हो सकते हैं।



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Fri, Apr 03 , 2026, 09:30 AM