Israel America Iran War: खाड़ी युद्ध लगातार 12वें दिन भी जारी है। अमेरिका और इजराइल की तरफ से ईरान पर बार-बार हमले (Israel America Iran War) हो रहे हैं। जबकि ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इस युद्ध में अब तक 2000 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों नागरिक घायल हुए हैं। इस बीच, जहां एक तरफ अमेरिका-इजरायल की तरफ से हमले (US-Israeli attacks) किए जा रहे हैं, वहीं ईरान का एक प्लान सामने आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान का यह प्लान सुनकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) भी कन्फ्यूज हो गए।
ईरान की तरफ से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में विस्फोटक तैनात किए गए हैं। विस्फोटकों की खबर सुनकर डोनाल्ड ट्रंप ने अपना गुस्सा जाहिर किया। डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान विस्फोटक हटा ले वरना उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद विस्फोटक नहीं हटाए गए तो वह ईरान पर ऐसा हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं हुआ। इस बीच, US मिलिट्री ने होर्मुज स्ट्रेट में एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में US ने होर्मुज स्ट्रेट में गोला-बारूद से लदे 16 जहाजों को नष्ट कर दिया।
ईरान पर हमले का कारण क्या है?
2025 में ईरान-इजरायल युद्ध और ईरान समर्थित ग्रुप्स के साथ झड़पों के कारण, इजरायली नेताओं ने जनवरी में ईरान को बार-बार चेतावनी दी थी कि वे उसके न्यूक्लियर वेपन प्रोग्राम और मिसाइल क्षमताओं को बिना रोक-टोक के बढ़ाने की इजाज़त नहीं देंगे। हालांकि, ईरान ने ऐसी कोई बात नहीं मानी। ईरान ने अपने सेंसिटिव न्यूक्लियर वेपन प्रोग्राम और मिसाइल से जुड़े प्रोसेस जारी रखे। जब यह देखा गया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद ईरान रुक नहीं रहा है, तो इजरायल और US ने ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला कर दिया, जिससे एक बार फिर मिडिल ईस्ट में तनाव पैदा हो रहा है।
अगर युद्ध बढ़ता है, तो सप्लाई चेन में रुकावट आ सकती है (इज़राइल Vs ईरान युद्ध)
ईरान दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक है। अगर युद्ध बढ़ता है, तो सप्लाई चेन में रुकावट आ सकती है। इसका असर कच्चे तेल की कीमत पर पड़ सकता है, जो काफी बढ़ सकती है। अगर यह टकराव और बढ़ता है, तो कच्चे तेल की बढ़ती कीमत का भारतीय अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर कीमत में काफी बढ़ोतरी होती है, तो पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। साथ ही, एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में बाज़ार में बड़ी अस्थिरता और उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। एक और बात यह है कि सोना और चांदी महंगे हो जाएंगे। युद्ध से ग्लोबल बाज़ार में अनिश्चितता पैदा होती है। निवेशक शेयर बाज़ार से पैसा निकालकर सोने और चांदी में निवेश करते हैं। इस वजह से सोने और चांदी की कीमतें ऐतिहासिक स्तरों पर जा सकती हैं।



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Wed, Mar 11 , 2026, 02:20 PM