मुंबई: इजरायल-अमेरिका गठबंधन और ईरान के बीच जारी युद्ध और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देशों पर इसके प्रभाव के चलते फलों और सब्जियों की खेप रायगढ़ जिले के न्हावा-शेवा स्थित जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह पर फंस गयी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुस्लिम समुदाय का पवित्र महीना रमजान चल रहा है और इसे खाड़ी क्षेत्र में निर्यात के लिए 'व्यस्ततम समय' माना जाता है। लेकिन पश्चिम एशिया की स्थिति और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न व्यवधान के कारण निर्यातक बेहद मुश्किल स्थिति में हैं।
रमजान के दौरान जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (जेएनपीए) से ईरान, इराक, सऊदी अरब, कुवैत और दुबई को सबसे अधिक फलों का निर्यात किया जाता है। फिलहाल जहाज वहां नहीं जा रहे हैं। जो जहाज गये थे, वे मौजूदा हालात में वापस नहीं आये। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बारे में प्रमुख केला निर्यातक प्रमोद निर्मल ने बताया कि वहां 600 से अधिक कंटेनर फंसे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ जहाजों को 'केप ऑफ गुड होप' के रास्ते भेजा जा रहा है। भारी लागत और ग्राउंड हैंडलिंग शुल्क निर्यातकों की कमर तोड़ रहे हैं और संकट के इस समय में शिपिंग कंपनियां निर्यातकों के प्रति बिल्कुल भी सहानुभूति नहीं दिखा रही हैं।
प्याज के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक विकास सिंह ने कहा कि ईरान का अपना प्याज उत्पादन है , हालांकि अन्य खाड़ी देशों को होने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है कि शिपिंग कंपनियां दोबारा माल लेना कब शुरू करेंगी। इस देरी का न केवल निर्यातकों पर, बल्कि महाराष्ट्र के पूरे कृषि क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है।
भारत का प्रमुख कंटेनर हैंडलिंग बंदरगाह जेएनपीए देश के प्रमुख बंदरगाहों के कुल कंटेनर कार्गो वॉल्यूम का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। भारत के सबसे आधुनिक बंदरगाहों में प्रमुख स्थान रखने वाले जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह के मार्ग पर कंटेनर-ट्रकों की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Wed, Mar 11 , 2026, 08:20 AM