Organic Brand: भारत ऑर्गेनिक और अमूल दोनों ही विश्वसनीय, शत-प्रतिशत जैविक ब्रांड हैं: शाह

Sat, Jul 06 , 2024, 08:35 AM

Source : Hamara Mahanagar Desk

गांधीनगर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Minister Amit Shah) ने शनिवार को गुजरात के गांधीनगर में कहा कि भारत ऑर्गेनिक और अमूल दोनों ही (Both Bharat Organic and Amul) विश्वसनीय और शत-प्रतिशत जैविक ब्रांड हैं (Reliable and 100% organic brands)। विश्व की सबसे आधुनिक तकनीक से जांच करके ही जैविक उत्पाद पर भारत ब्रांड (Bharat Brand) की मोहर लगती है। श्री शाह ने यहां 102वें अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित 'सहकार से समृद्धि’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज गुजरात सरकार (Gujarat government) ने एक बहुत महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए नैनो-यूरिया और नैनो-डीएपी (nano-urea and nano-DAP.) पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी (subsidy) देने की की घोषणा की है। उन्होंने इस निर्णय के लिए गुजरात सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि किसान जब एक बार नैनो-यूरिया का छिड़काव करते हैं तो फिर बाद में उन्हें थैली से यूरिया डालने की ज़रूरत नहीं है। खेत में नैनो-यूरिया और नैनो-डीएपी का छिड़काव ज़्यादा उत्पादन के लिए पर्याप्त है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इन्हें सस्ता किया है और किसानों को इनका उपयोग करना चाहिए। जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने और जैविक खेती करने वाले किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक लिमिटेड (एनओसीएल) की स्थापना की है। श्री शाह ने कहा कि आज एनओसीएल द्वारा भारत ऑर्गेनिक आटा का भी लोकार्पण हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत ऑर्गेनिक और अमूल दोनों ही विश्वसनीय और शत-प्रतिशत ऑर्गेनिक ब्रांड हैं। उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे आधुनिक तकनीक से जांच करके ही जैविक उत्पाद पर भारत ब्रांड की मोहर लगती है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत में सहकारिता कोई नया विचार नहीं है और लगभग सवा सौ साल पुराने विचार को हमारे पुरखों ने अपनाया था। सरदार पटेल, महात्मा गांधी, गाडगिल जी, बैकुंठ भाई मेहता और त्रिभुवनदास पटेल जैसे कई मनीषियों ने इसकी शुरूआत की। फिर एक समय आया जब ये विचार धीरे-धीरे कमज़ोर होता चला गया। प्रधानमंत्री मोदी ने सहकारिता की प्रासंगिकता को पहचानते हुए नए सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की। आज हम एक महत्वपूर्ण मुकाम पर खड़े हैं और सवा सौ साल पुराना सहकारिता आंदोलन आज देश के कई क्षेत्रों में अपना बड़ा योगदान दे रहा है।

उन्होंने कहा कि कृषि ऋण के वितरण में 20 प्रतिशत, फर्टिलाइज़र्स के वितरण में 35 और उत्पादन में 21 प्रतिशत, चीनी उत्पादन में 31 प्रतिशत, गेहूं की खरीदी में 13 प्रतिशत और धान की खरीदी में 20 प्रतिशत का योगदान सहकारिता क्षेत्र दे रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र ग्रामीण और कृषि अर्थव्यस्था में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि हमें अगले पांच साल में सहकारिता की एक ऐसी मज़बूत नींव डालनी है जिससे सहकारिता हर गांव और घर तक पहुंचे।

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार सहकारिता के माध्यम से दो नई योजनाएं लेकर आई है। एथेनॉल को प्रोत्साहन देने और मक्के का उत्पादन करने वाले किसानों की समृद्धि के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार ने व्यवस्था की है कि सरकार की दो बड़ी कोऑपरेटिव संस्थाएं किसानों द्वारा उत्पादित मक्का की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य़ पर ऑनलाइन करेंगी और इससे एथेनॉल बनाया जाएगा। इससे न सिर्फ किसान समृद्ध होंगे बल्कि पेट्रोल का आयात कम होने से देश के विदेशी मुद्रा भंडार को भी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

श्री शाह ने कहा कि इसी प्रकार चार प्रकार के दलहन को भी अब एनएएफईडी और कंज्यूमर कोऑपरेटिव संस्थाएं शत-प्रतिशत एमएसपी पर खरीदेंगी। उन्होंने कहा कि हमें सहकारी संस्थाओं के बीच सहकारिता को बढ़ावा देना चाहिए। अगर हम सहकारिता क्षेत्र का पूरा आर्थिक व्यवहार सहकारिता क्षेत्र में ही कर लेते हैं तो हमें सहकारिता क्षेत्र के बाहर से एक भी पैसा लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Latest Updates

Latest Movie News

Get In Touch

Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.

Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265

info@hamaramahanagar.net

Follow Us

© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups