बैंकॉक। वर्ल्ड हिन्दू फाउंडेशन (World Hindu Foundation) के संस्थापक एवं वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस (World Hindu Congress) के सूत्रधार के स्वामी विज्ञानानंद का मानना है कि हिन्दू धर्म को दुनिया में तभी प्रतिष्ठा मिलेगी जब वे अर्थव्यवस्था, शिक्षा, अकादमिक, मीडिया और राजनीतिक क्षेत्र में सामूहिक प्रभाव पैदा करने में सक्षम होंगे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से शिक्षित और बाद में संन्यास ले कर सेवा करने वाले स्वामी विज्ञानानंद (Swami Vigyananand) ने तीसरे वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस के मौके पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह हिन्दुओं की महासभा है और इसका मकसद दुनिया में हिन्दुओं का प्रभाव बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि आज के विश्व में हिन्दुओं को प्रतिष्ठा तब तक नहीं मिल सकती है जब तक अर्थव्यवस्था, शिक्षा, अकादमिक, मीडिया और राजनीतिक क्षेत्र में सामूहिक प्रभाव पैदा नहीं होता।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन से इन क्षेत्रों में विभिन्न देशों, स्थानों पर प्रभावी असर रखने वाले हिन्दू व्यक्तियों को इकट्ठा करके हिन्दू स्वभाव को निर्देशित किया जा रहा है और युवा पीढ़ी एवं महिला शक्ति को फोकस में रखा गया है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस में दुनिया भर से आए हिंदू इन पहलुओं पर चर्चा करते हैं और आगे का अजेंडा तय करते हैं।
स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि ये पांच पहलू किसी भी समाज को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लोग व्यक्तिगत रूप से तो ये कर रहे थे लेकिन सामूहिक रूप से इन मूल मुद्दों पर फोकस नहीं था। पिछले करीब 10 वर्षों से इस पर फोकस किया गया है।
उन्होंने कहा कि इसका फायदा यह हुआ कि पहले हिंदू के नाम से पहचान कम हो गई थी दुनिया में। हिंदू से शुरू हु़आ, फिर हिंदुस्थान हुआ, उससे हिंदुस्तान हो गया, फिर भारतीय हो गया, फिर इंडिया हो गया, इंडिक हो गया। इस रुख को उल्टा किया गया है। अब दुनिया में गर्व से लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि हम हिंदू है। कई देशों के प्रमुख भी खुद को हिंदू कह रहे हैं। ये बहुत बड़ा परिवर्तन है और ये हमारी सफलता है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत सदा से ही हिन्दू राष्ट्र है। लेकिन केवल शब्दों में कहते रहे तो यह खोखला हिन्दू राष्ट्र रह जाएगा। इसके लिए हिन्दू अर्थव्यवस्था, हिन्दू प्रतिरक्षा, हिन्दू कूटनीति, हिन्दू शिक्षा और हिन्दू अकादमिक अनुसंधान एवं विकास को बहुत मजबूत करना है। एक प्रश्न के उत्तर में स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर में रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम और वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस के आयोजन में कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के 61 देशों की हिन्दू हस्तियां जुटी हैं तो राम मंदिर के उत्सव पर भी चर्चा हो रही है। उनसे कहा गया है कि 22 जनवरी 2024 को वे अपने अपने क्षेत्रों और घरों में भजन कीर्तन और दीपमालिका करें। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों को अयोध्या से विशेष रूप से प्रसाद ला कर वितरित किया गया है।



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Sat, Nov 25 , 2023, 03:34 AM