नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के बजट को तुष्टीकरण का बजट करार देते हुए कहा है मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मां, माटी, मानुष की जगह मौलवी, मुअज्जिन और मदरसा के लिए पूरा खजाना लुटा दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार ने अपने बजट में अल्पसंख्यक मामले और मदरसों के लिए 5713 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जबकि उद्योग और वाणिज्य के लिए मात्र 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सुश्री बनर्जी ने मां, माटी, मानुष की जगह मौलवी, मुअज्जिन और मदरसा के लिए पूरा खजाना लुटा दिया है।
उन्होंने कहा कि देश आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में विकास की नयी ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ रहा है, जिसकी झलक हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में देखने को मिली है। वहीं सुश्री बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल तुष्टीकरण की गहरी खाई में लगातार गिरता चला जा रहा है, जिसकी विकृत झलक राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में दिखाई पड़ती है। अल्पसंख्यक मामले और मदरसों के लिए 5713 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जबकि उद्योग और वाणिज्य के लिए मात्र 1400 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के लिए 217 करोड़ रुपये, विज्ञान एवं अनुसंधान के लिए केवल 82 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह वही पश्चिम बंगाल की भूमि है जहां से सत्येन्द्र नाथ बोस, जगदीश चन्द्र बोस और अमल कुमार राय चौधरी जैसे महान वैज्ञानिक निकले, लेकिन आज वहां विज्ञान एवं अनुसंधान के लिए सिर्फ 82 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के उत्तरी और पश्चिमी भाग के विकास के लिए क्रमशः 920 करोड़ रुपये और 810 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे बुद्धदेव भट्टाचार्य ने नौ सितंबर 2006 को एक बैठक में आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में कहा था कि पाकिस्तान की इस्लामिक स्टेट (Inter-Services Intelligence) द्वारा प्रायोजित अनेक मदरसे पश्चिम बंगाल में काम कर रहे हैं और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलग्न हैं, जिनमें से कई सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब सुश्री बनर्जी जवाब दें कि जिन मदरसों के एक बड़े हिस्से को पूर्व मुख्यमंत्री ने आईएसआई प्रायोजित बताया था, यदि उनकी सरकार उन्हें पोषित कर रही है, तो क्या यह राष्ट्र की सुरक्षा और सद्भावना की कीमत पर राजनीति करना नहीं है? भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एक तरफ राज्य में मुस्लिम समाज की 87 में से 78 जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का दर्जा देकर पहले उन पर संवैधानिक ममता उड़ेली गई और अब वित्तीय ममता भी उड़ेली जा रही है, यह जानते हुए भी कि इसमें से एक बहुत बड़ा हिस्सा किन्हें जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि मौलवी और मुअज्जिन को जो पैसा मिलेगा, उनसे किसी प्रकार का आवासीय प्रमाण भी नहीं मांगा जाएगा। इससे यह साफ हो जाता है कि इंडिया गठबंधन, जो अपने जिस मूल विचार पर चल रहा है, वह तमिलनाडु से लेकर पश्चिम बंगाल तक अत्यंत विकृत स्वरूप में दिखाई पड़ रहा है।



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Fri, Feb 06 , 2026, 10:14 PM