New Delhi Air Quality:  चिंता का विषय बनी हुई है दिल्ली की वायु गुणवत्ता! एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में बरकरार, ग्रैप-4 लागू

Tue, Jan 20 , 2026, 01:40 PM

Source : Hamara Mahanagar Desk

नयी दिल्ली:  राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को भी वायु गुणवत्ता (Air quality) चिंता का विषय बनी रही। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुबह के समय 394 दर्ज किया गया जो कि 'बहुत खराब (very poor)' श्रेणी दर्शाता है। राजधानी में लगातार प्रदूषण के बावजूद मौसम की स्थिति में मामूली सुधार देखा गया। दिल्लीवासियों ने आज धूपभरी सुबह के साथ दिन की शुरुआत की और न्यूनतम तापमान (minimum temperature) में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो 7.7 डिग्री सेल्सियस रहा। शहर के कई निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई। वजीरपुर और आनंद विहार में एक्यूआई 444 के साथ सबसे अधिक रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद जहांगीरपुरी और अशोक विहार में एक्यूआई क्रमशः 442 और 441 दर्ज किया गया। ये सभी आंकड़े आज सुबह नौ बजे रिकॉर्ड किये गये। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दो दिन पहले एक्यूआई के गंभीर स्तर तक पहुंचने और स्थिति में सुधार के संकेत न मिलने के कारण दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-4 के तहत प्रतिबंध लागू कर दिए थे।

भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है पश्चिमी विक्षोभ
इससे पहले शनिवार को, प्रदूषण स्तर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचने के बाद सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर में फिर से ग्रैप-4 लागू किया था। इससे एक दिन पहले प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रयास के तहत ग्रैप-3 के उपाय हटाए गए थे। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि उत्तर पंजाब और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को लगातार प्रभावित कर रहा है। यह प्रणाली औसत समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसके साथ मध्य व ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ जुड़ा हुआ है, जो लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है।

चक्रवाती परिसंचरण भी चिंता का विषय 
आईएमडी के अनुसार, पूर्वोत्तर राजस्थान और उससे सटे क्षेत्रों के ऊपर लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके अलावा, एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ, जो मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक ट्रफ के रूप में मौजूद है और जिसकी धुरी लगभग 65 डिग्री पूर्वी देशांतर तथा 32 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो इस क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। इस बीच, 21 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक के बाद एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ का असर पड़ने का अनुमान जताया गया है। उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम, जिसकी मुख्य हवाओं की गति लगभग 130 नॉटिकल माइल प्रति घंटा (240 किलोमीटर प्रति घंटा) है और जो औसत समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर बह रही है, वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय है, जिससे आने वाले दिनों में मौसम के सक्रिय बने रहने के संकेत मिलते हैं।

अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बदलाव नहीं 
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इसके बाद 23 जनवरी को तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी और फिर इसके बाद दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी। अधिकांश दिनों में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रह सकता है, जबकि 23 जनवरी को यह सामान्य से ऊपर जा सकता है। अधिकतम तापमान अगले तीन दिनों तक सामान्य से अधिक रहने के बाद फिर सामान्य स्तर पर लौटने की उम्मीद है। आईएमडी ने बताया कि 23 जनवरी को 20–30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के साथ बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार है। अगले 24 घंटों तक आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है, इसके बाद दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और फिर आमतौर पर बादल छाए रहने की उम्मीद है। 20 जनवरी की रात को धुंध छायी रह सकती है, जबकि अगले सात दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की आशंका जताई गई है।

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