Medical Update: गर्भावस्था और पैरासिटामोल पर द लैंसेट की नई स्टडी

Sun, Jan 18 , 2026, 02:55 PM

Source : Hamara Mahanagar Desk

क्या प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के दौरान पैरासिटामोल (Paracetamol) सेफ़ है: द लैंसेट में छपी एक नई और बड़ी स्टडी के मुताबिक, यह मानना ​​कि प्रेग्नेंसी के दौरान दर्द या बुखार के लिए पैरासिटामोल इस्तेमाल करने से बच्चों में ऑटिज़्म, अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) या इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी का खतरा बढ़ जाता है, गलत है। दुनिया भर से मौजूद रिसर्च का अच्छी तरह रिव्यू करने के बाद, रिसर्चर प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए एक भरोसा देने वाले नतीजे पर पहुंचे हैं। यह स्टडी सिटी सेंट जॉर्ज, यूनिवर्सिटी ऑफ़ लंदन के रिसर्चर ने की थी, और अब तक की गई 43 अलग-अलग स्टडी का एनालिसिस किया। इसके नतीजे मशहूर मेडिकल जर्नल द लैंसेट ऑब्सटेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी एंड विमेन्स हेल्थ में पब्लिश हुए हैं। इस रिसर्च ने हाल के सालों में पैरासिटामोल और ऑटिज़्म के बीच एक पॉसिबल लिंक बताने वाली रिपोर्ट से पैदा हुए कन्फ्यूजन पर रोशनी डाली है।

पैरासिटामोल प्रेग्नेंसी के दौरान सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली पेनकिलर और बुखार कम करने वाली दवा है। इसे दुनिया भर में पहली पसंद की दवा माना जाता है। डॉक्टर इसे प्रसूति देखभाल में लेने की सलाह देते हैं क्योंकि यह नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं या ओपिओइड की तुलना में ज़्यादा सुरक्षित है।

पिछले दावे
रिसर्चर्स का कहना है कि पैरासिटामोल के खिलाफ पिछले दावे ज़्यादातर अधूरे डेटा, संभावित भेदभाव और ऐसी स्टडीज़ पर आधारित थे जिनमें पारिवारिक बातों पर ठीक से ध्यान नहीं दिया गया था। हालांकि, नई स्टडी में भाई-बहनों के बीच तुलना का एनालिसिस किया गया। इसमें उन बच्चों की तुलना की गई जिन्होंने एक प्रेग्नेंसी में पैरासिटामोल लिया था और जिन्होंने नहीं लिया था, जिससे जेनेटिक्स, पारिवारिक माहौल और माता-पिता की लंबे समय की विशेषताओं के असर की ज़्यादा सटीक जांच हो सकी।

स्टडीज़ में ऑटिज़्म के लिए 2.62 लाख से ज़्यादा बच्चे, ADHD के लिए 3.35 लाख से ज़्यादा बच्चे और इंटेलेक्चुअल डिसऑर्डर के लिए लगभग 4.06 लाख बच्चे शामिल थे। इन सभी एनालिसिस में पाया गया कि प्रेग्नेंसी के दौरान पैरासिटामोल के इस्तेमाल और इन न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर के बीच कोई सीधा संबंध नहीं था।

स्टडी की लीड रिसर्चर और ऑब्सटेट्रिक्स और मैटरनल-फीटल मेडिसिन की प्रोफेसर अस्मा खलील ने कहा, “हमारे नतीजों से पता चलता है कि पहले देखा गया संबंध दवा की वजह से नहीं है, बल्कि मां की दूसरी वजहों जैसे बुखार, दर्द या जेनेटिक वजहों की वजह से है।” उन्होंने आगे बताया कि पैरासिटामोल प्रेग्नेंसी में सुरक्षित है, अगर इसे बताए गए तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को बेवजह परेशान नहीं होना चाहिए।

रिसर्चर्स के मुताबिक, बुखार या तेज़ दर्द को नज़रअंदाज़ करने से मां और बच्चे दोनों के लिए खतरा बढ़ सकता है। इसलिए, जब ज़रूरी हो तो पैरासिटामोल से बचना असल में नुकसानदायक हो सकता है। स्टडी में सभी रिसर्च को जाने-माने टूल QUIPS (क्वालिटी इन प्रोग्नोसिस स्टडीज़) का इस्तेमाल करके जांचा गया।

क्या सोशल मीडिया पर किए गए दावे सच हैं?

कुल मिलाकर, स्टडी में सोशल मीडिया पर किए गए दावों या राजनीतिक बयानों के बजाय साइंटिफिक सबूतों पर आधारित मेडिकल सलाह को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। रिसर्चर्स ने पक्का नतीजा निकाला है कि प्रेग्नेंसी के दौरान दर्द और बुखार के लिए पैरासिटामोल अभी भी एक सुरक्षित और भरोसेमंद ऑप्शन है।

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