Shaniwar Puja: शक्तिशाली शनिवार के अनुष्ठान जो साढ़े साती और ढैया को कम करते हैं!

Sat, Jan 17 , 2026, 09:30 AM

Source : Hamara Mahanagar Desk

Shaniwar Puja: हिंदू परंपरा में, शनिवार का दिन भगवान शनि और भगवान हनुमान का पवित्र दिन होने के कारण गहरा आध्यात्मिक महत्व रखता है। भक्तों का मानना ​​है कि इस दिन सच्ची पूजा करने से साढ़े साती, ढैया और शनि दोष के अन्य प्रभावों के कठिन प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। शनि देव, जिन्हें कर्मों का दिव्य न्यायाधीश माना जाता है, ईमानदार प्रयास और अनुशासन को शांति, स्थिरता और दीर्घकालिक सफलता से पुरस्कृत करते हैं।

शनिवार पूजा इतनी शक्तिशाली क्यों है?
शनि देव व्यक्ति के कर्मों के आधार पर ही फल देते हैं। जब साढ़े साती या ढैया के माध्यम से उनका प्रभाव तीव्र हो जाता है, तो जीवन बाधाओं, देरी और भावनात्मक तनाव से भरा लग सकता है। माना जाता है कि नियमित शनिवार पूजा इन चुनौतियों को कम करती है, नकारात्मकता को दूर करती है और संतुलन और मानसिक शांति बहाल करती है।

शनिवार को किए जाने वाले मुख्य अनुष्ठान
भक्त शाम को सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं और शनि देव को काले तिल, नीले फूल और काला कपड़ा चढ़ाते हैं। पीपल और शमी के पेड़ों की पूजा को अत्यधिक लाभकारी माना जाता है। शनि चालीसा का पाठ करना और भगवान हनुमान से प्रार्थना करना भय, कठिनाई और नकारात्मक ग्रहों के प्रभाव को दूर करने में मदद करता है।

शनिवार पूजा की पूरी विधि
सुबह की शुद्धि और संकल्प
: दिन की शुरुआत स्नान से करें, साफ और साधारण कपड़े पहनें और शनि देव की भक्तिपूर्वक पूजा करने का संकल्प लें।

पूजा का पवित्र स्थान: शनि मंदिर जाएं या घर पर शनि देव की मूर्ति के सामने पूजा करें। आरती करें और देवता की आंखों से सीधे संपर्क से बचें।

दीपक और तेल का अर्पण: सरसों के तेल का दीपक जलाएं, आदर्श रूप से काले तिल के साथ मिला हुआ।

पवित्र प्रसाद: सरसों का तेल, नीले या काले फूल, माला और शमी के पत्ते चढ़ाएं।

नैवेद्य: फल और मिठाई, विशेष रूप से पूरी और उड़द दाल की खिचड़ी चढ़ाएं, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

दान और दक्षिणा: अधिक आध्यात्मिक लाभ के लिए जरूरतमंदों को काले कपड़े, काले चने, लोहे की वस्तुएं या सरसों का तेल दान करें।

मंत्र और शास्त्र: "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का जाप करें और शनि चालीसा या शनि स्तोत्र का पाठ करें।

वृक्ष पूजा: पीपल और शमी के पेड़ों के पास जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं और भक्तिपूर्वक परिक्रमा करें। हनुमान पूजा: हनुमान मंदिर जाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी को प्रसन्न करने से शनि देव का आशीर्वाद मिलता है।

आध्यात्मिक परिणाम
नियमित और सच्ची साधना से, भक्तों को भावनात्मक स्थिरता में वृद्धि, लगातार संघर्षों से राहत और भाग्य, रिश्तों और मानसिक शांति में धीरे-धीरे सुधार का अनुभव होता है।

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