Makar Sankranti: मकर संक्रांति परिवार के मेल-मिलाप की एक पौराणिक कहानी और ज्योतिषीय महत्व के ज़रिए शनि (शनि ग्रह) से जुड़ी है:
पौराणिक संबंध
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनि देव (भगवान शनि) सूर्य देव (सूर्य भगवान) के पुत्र हैं। गलतफहमियों और पुरानी शिकायतों के कारण पिता और पुत्र के बीच संबंध तनावपूर्ण थे। मकर संक्रांति उस दिन को चिह्नित करती है जब भगवान सूर्य अपने मतभेदों को भुलाकर अपने पुत्र शनि से मिलने जाते हैं, जो मकर राशि में रहते हैं।
यह वार्षिक यात्रा एक प्रतीकात्मक घटना है जो इस पर ज़ोर देती है:
मेल-मिलाप: यह त्योहार लोगों के लिए एक सबक है कि वे पुराने झगड़ों को भूल जाएं, पिछली बातों को माफ कर दें और तनावपूर्ण पारिवारिक संबंधों को सुधारें।
'तिल' का महत्व: जब सूर्य शनि से मिलने गए, जिनका घर पहले सूर्य के क्रोध के कारण जल गया था, तो शनि के पास अपने पिता को देने के लिए काले तिल के बीजों के अलावा कुछ नहीं था। सूर्य ने शनि को आशीर्वाद दिया, और तब से, मकर संक्रांति पर तिल के बीज चढ़ाना और खाना शुभ माना जाता है और आशीर्वाद पाने के लिए यह एक अनिवार्य अनुष्ठान है।
ज्योतिषीय महत्व
वैदिक ज्योतिष में, "मकर संक्रांति" उस विशेष क्षण को संदर्भित करता है जब सूर्य (सूर्य) धनु राशि से मकर (मकर) राशि में गोचर करता है। मकर राशि शनि ग्रह का घर या शासक राशि है।
यह ग्रहों की स्थिति महत्वपूर्ण है:
शनि दोष से राहत: इस दिन शनि से संबंधित वस्तुओं, विशेष रूप से तिल के बीज का दान करना, किसी के जीवन में नकारात्मक प्रभाव या शनि दोष (शनि द्वारा पीड़ा) को कम करने के लिए फायदेमंद माना जाता है।
संयुक्त आशीर्वाद: इस पवित्र दिन पर सूर्य देव और शनि देव दोनों की पूजा करने से दोनों शक्तिशाली ग्रहों का आशीर्वाद मिलता है, जिससे सफलता और समृद्धि आती है।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Wed, Jan 14 , 2026, 08:55 AM