तेहरान। ईरान और अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी युद्ध के छठे दिन अज़रबैजान भी संघर्ष के घेरे में आ गया। अज़रबैजान ने अपनी सरजमीं के एक हवाई अड्डे पर धमाके के बाद कहा कि ईरान के ड्रोन उसके ठिकानों पर हमला कर रहे हैं। इस बीच, कतर की राजधानी दोहा में भी धमाके सुने गये। अजरबैजान के विदेश मंत्रालय (Azerbaijani Foreign Ministry) ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि ईरान की ओर से दागे गए कई ड्रोन उनके क्षेत्र में गिरे हैं। इनमें से एक ड्रोन ने हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग को क्षतिग्रस्त किया है, जबकि दूसरा एक स्कूल भवन के पास जाकर गिरा। मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जतायी और साथ ही ईरान से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इस तरह की घटना दोबारा न हो। साथ ही मंत्रालय ने अज़रबैजान में ईरान के राजदूत को अपनी कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर करने के लिए तलब किया।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग केवल अमेरिका, इजरायल, यूरोप और अन्य पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद है। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसकी नौसेना ने फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में एक अमेरिकी तेल टैंकर को निशाना बनाया। इस हमले के बाद जहाज पर भीषण आग लग गयी। आईआरजीसी ने कहा कि खाड़ी और हिंद महासागर के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य पर उनका 'पूर्ण नियंत्रण' है। दूसरी ओर इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ हमलों की एक नयी लहर शुरू करने की घोषणा के बाद तेहरान और करज के आसमान धमाकों की गूंज से दहल उठे। इज़रायली सेना ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान के भीतर चुनिंदा ठिकानों पर अपने सैन्य अभियान को और तेज कर रही है।
ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने इस युद्ध के मानवीय पक्ष पर एक भयावह रिपोर्ट जारी की है। संस्था के अनुसार, पिछले शनिवार से अब तक अमेरिकी और इज़रायली सेनाओं द्वारा कुल 1,332 हमले किए जा चुके हैं। इन भीषण सैन्य कार्यवाहियों में अब तक ईरान में 1270 और लेबनान में 77 लोगों की मौत हो चुकी है।
इस दौरान युद्ध की आग ईरान की सीमाओं से बाहर निकलकर कतर तक पहुंच गयी। कतर की राजधानी दोहा के ऊपर आसमान में गुरुवार को कई शक्तिशाली विस्फोट सुने गए। जानकारी के अनुसार, कतर की रक्षा प्रणालियों ने राजधानी की ओर आ रही मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है, जिससे क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त रहा। कतर ने एहतियात के तौर पर दोहा में अमेरिकी दूतावास के पास रहने वाले लोगों को कुछ समय के लिए दूसरी जगह भेजना भी शुरू कर दिया। इस बीच, लेबनान के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी इज़रायली बमबारी जारी है। ताजा हमलों में दक्षिणी लेबनान के गांवों में आठ लोगों की मौत हो गयी। सरकारी नेशनल न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में अल-क़लैलाह के पास सुबह-सुबह एक इज़रायली ड्रोन ने एक कार पर हमला किया, जिसमें तीन लोग मारे गये। पूर्वी लेबनान में ज़हले रोड पर एक कार को निशाना बनाकर किये गये एक और ड्रोन हमले में दो और लोग मारे गये।
हिंद महासागर में भी युद्ध की परछाईं पहुंची है। श्रीलंका सरकार के अनुसार, एक और ईरानी युद्धपोत उनके प्रादेशिक जल क्षेत्र में है। यह घटना उसी क्षेत्र के पास हो रही है जहां बुधवार को एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी पोत को नष्ट कर दिया था। ईरान ने श्रीलंका के पास हिंद महासागर में हुए हमले में डूबे ईरानी नौसैनिक पोत आईरिस डेना पर मारे गए नाविकों के सभी शव उसे सौंपे जाने का अनुरोध किया है, ताकि उन्हें अंतिम संस्कार के लिए स्वदेश ले जाया जा सके। श्रीलंकाई मीडिया डेली मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा किये गये टॉरपीडो हमले के बाद जहाज के डूबने से मारे गये करीब 90 नाविकों के शवों को गाले स्थित राष्ट्रीय अस्पताल करापिटिया लाया गया है।



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