क्या पाकिस्तान सऊदी अरब पर हमले के लिए ईरान से लड़ेगा? ईरान-इज़राइल युद्ध के बीच इसहाक डार के बयान से विवाद, पाकिस्तान के डिप्टी PM ने कहा…

Wed, Mar 04 , 2026, 03:35 PM

Source : Hamara Mahanagar Desk

Pakistani Leader's Statements Spark Controversy : पाकिस्तान के नेता (Pakistani leader) चल रहे खाड़ी संकट (Gulf crisis) के दौरान अपने बयानों को लेकर आलोचना का सामना कर रहे हैं। ईरान के हमलों के कारण इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है, वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार (Pakistan's Foreign Minister Ishaq Dar) ने ऐसी बातें कहीं जो कई लोगों को हैरान करने वाली लगीं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस तीखी लड़ाई के दौरान सऊदी अरब की रक्षा करने वाला देश है। उन्होंने यह बयान पाकिस्तानी संसद में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक आपसी रक्षा समझौते के बारे में जवाब देते हुए दिया। हालांकि, आलोचकों ने इस दावे पर सवाल उठाए, खासकर जब रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईरान से जुड़े हमलों ने सऊदी अरब में तेल सुविधाओं सहित प्रमुख जगहों को निशाना बनाया है।

पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौता
यह सब जानते हैं कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रक्षा समझौता है, और पाकिस्तान से इस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने की उम्मीद है। संसद में बोलते हुए, इसहाक डार ने कहा कि जब वह सऊदी अरब में थे, तो उन्होंने तुरंत ईरानी नेतृत्व से संपर्क किया और उन्हें समझौते के बारे में बताया। उनके मुताबिक, ईरान ने भरोसा मांगा था कि सऊदी की ज़मीन का इस्तेमाल हमले करने के लिए नहीं किया जाएगा।

इशाक डार का बयान
डार ने कहा कि उन्होंने ईरान को भरोसा दिलाया कि सऊदी की ज़मीन का इस्तेमाल उस पर हमला करने के लिए नहीं किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इसी भरोसे की वजह से सऊदी अरब और ओमान के खिलाफ़ जवाब कम रहा, जबकि जॉर्डन, कुवैत, UAE, कतर और बहरीन में ऐसी गतिविधियों की खबरें आईं।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान एक आज़ाद देश है और पाकिस्तान का करीबी दोस्त और भाई है, लेकिन ईरान ने अपने फैसले खुद लिए। डार ने आगे कहा कि शनिवार को, कुछ खाड़ी देशों को वहां कथित US बेस होने की वजह से निशाना बनाया गया। बाद में, रिपोर्टों में कुछ एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने का इशारा मिला, और एक पाकिस्तानी नागरिक की भी मौत हो गई।

उन्होंने कहा कि अगर उन देशों की तरफ़ से तुरंत कोई जवाब नहीं आया होता, तो वे इज़राइल और यूनाइटेड स्टेट्स की कार्रवाइयों के खिलाफ़ मज़बूत आवाज़ उठाने के लिए एकजुट होते। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान उन देशों में से था जिन्होंने इस कार्रवाई की खुलकर निंदा की।

सऊदी अरब पर कितने हमले हुए?
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने दावा किया कि देश सऊदी अरब की रक्षा कर रहा है, लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस दौरान सऊदी अरब को कई ड्रोन और मिसाइल से जुड़ी घटनाओं का सामना करना पड़ा।

3 मार्च, 2026
सऊदी की राजधानी में US एम्बेसी पर दो ड्रोन ने हमला किया। माना जा रहा है कि यह हमला ईरान की जवाबी कार्रवाई का हिस्सा था। इससे एम्बेसी कंपाउंड में हल्की आग लग गई और थोड़ा नुकसान हुआ। सऊदी अरब के डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि रियाद और अल-खराज के आसपास कम से कम आठ ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया।

28 फरवरी – 2 मार्च, 2026
इस दौरान सऊदी के बड़े मिलिट्री बेस पर सीधे मिसाइल या ड्रोन हमलों की कोई कन्फर्म रिपोर्ट नहीं थी। हालांकि, ईरान ने कथित तौर पर कई खाड़ी देशों में US और उसके सहयोगी बेस को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया।

2 मार्च, 2026 – अरामको रिफाइनरी हमला
सऊदी अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमले की खबर मिली। रिफाइनरी की कैपेसिटी लगभग 550,000 बैरल प्रति दिन है और इसे सऊदी अरब की खास तेल प्रोसेसिंग फैसिलिटी में से एक माना जाता है। रिपोर्ट्स से पता चला है कि यह हमला ईरान से जुड़े लोगों ने किया था।

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