Helicopter Missile Contract: रक्षा मंत्रालय ने एचएएल से छह उन्नत हल्के हेलिकॉप्टर तथा रूस से 'शिटल' मिसाइलों की खरीद के लिए 5083 करोड़ रूपये के अनुबंध किये!

Tue, Mar 03 , 2026, 07:41 PM

Source : Uni India

नयी दिल्ली। वैश्विक स्तर पर समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) के बड़ी चुनौती बनकर उभरने के बीच रक्षा मंत्रालय ने समुद्री सुरक्षा को चाक चौबंद करने के लिए कुल 5,083 करोड़ रुपये के दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं जिनमें भारतीय तटरक्षक के लिए छह उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ए एल एच मार्क-दो (ALH Mark-II) तथा नौसेना के लिए सतह से आकाश में मार करने वाली वर्टिकल प्रक्षेपण 'शिटल' मिसाइलों की खरीद शामिल है।

एएलएच हेलिकॉप्टर की खरीद सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited) से और शिटल मिसाइलों की खरीद रूस से की जायेगी। इन अनुबंधों पर मंगलवार को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। एएलएच की खरीद के लिए 2901 करोड़ रुपये का अनुबंध किया गया है जबकि मिसाइलों की खरीद के लिए 2,182 करोड़ रुपये का अनुबंध किया गया है।

एएलएच के अनुबंध में भूमिका उपकरण, अभियांत्रिकी सहायता पैकेज तथा प्रदर्शन-आधारित लॉजिस्टिक सहयोग शामिल है और यह 'भारतीय (स्वदेशी , विकसित एवं निर्मित)' श्रेणी के अंतर्गत संपन्न किया गया है। ये दो इंजन वाले हेलीकॉप्टर मौजूदा हवाई प्लेटफॉर्मों की तुलना में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त हैं तथा तटीय हवाई अड्डों के साथ-साथ समुद्र में तैनात जहाजों से भी विभिन्न प्रकार के समुद्री सुरक्षा अभियानों को अंजाम देने में सक्षम हैं।

इनके तटरक्षक बल में शामिल होने से बल की कृत्रिम द्वीपों, अपतटीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा तथा मछुआरों और समुद्री पर्यावरण के संरक्षण संबंधी दायित्वों के निर्वहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस परियोजना के अंतर्गत 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों से उपकरणों की आपूर्ति की जायेगी। यह अनुबंध 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है तथा देश की समुद्री सुरक्षा संरचना को और मजबूत बनाता है।

शिटल मिसाइलों की खरीद का अनुंबंध रूस की कंपनी जेएससी रोजोबोरोनेक्सपोर्ट के साथ किया गया है। यह मिसाइल अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों की वायु रक्षा क्षमताओं को विभिन्न प्रकार के हवाई खतरों से निपटने में सुदृढ़ करेगी। यह प्रणाली नौसेना के पोतों पर त्वरित प्रतिक्रिया, सभी मौसम में लक्ष्य भेदन क्षमता तथा चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में बेहतर जीवित रहने की क्षमता प्रदान करते हुए स्तरीकृत वायु रक्षा संरचना को सुदृढ़ करेगी। यह अनुबंध भारत और रूस के बीच पारस्परिक विश्वास एवं रणनीतिक सामंजस्य पर आधारित दीर्घकालिक और परिपक्व रक्षा साझेदारी को भी रेखांकित करता है।

Latest Updates

Latest Movie News

Get In Touch

Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.

Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265

info@hamaramahanagar.net

Follow Us

© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups