चेन्नई। तमिलनाडु आर्द्रभूमि मिशन (TNWM) के तहत सोमवार को यहां 'विश्व आर्द्रभूमि दिवस' मनाया गया। यहाँ जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि तमिलनाडु सरकार जागरूकता बढ़ाने और लोगों की भागीदारी पर जोर देते हुए टीएनडब्ल्यूएम के माध्यम से आर्द्रभूमि के संरक्षण और प्रबंधन के लिए विभिन्न पहल कर रही है। इस अवसर पर टीएनडब्ल्यूएम ने चेन्नई वन प्रभाग के साथ मिलकर शहर के अडयार मुहाने पर 'नेचर वॉक' (Nature Walk) और उसके बाद सफाई अभियान का आयोजन किया।
तमिलनाडु राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के सदस्य सचिव और प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीनिवास आर. रेड्डी, चेन्नई सर्कल के वन संरक्षक एस. एन. तेजस्वी, तमिलनाडु राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के उप वन संरक्षक (आर्द्रभूमि) भोसले सचिन और चेन्नई के जिला वन अधिकारी वी. ए. सरवनन भी इस अवसर पर उपस्थित थे। रेड्डी ने अपने संबोधन में आर्द्रभूमि के पारिस्थितिक महत्व और उनकी सुरक्षा की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आर्द्रभूमि पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील तंत्र हैं जो जल विज्ञान, जैव विविधता संरक्षण और बाढ़ को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, विशेष रूप से चेन्नई जैसे शहरी क्षेत्रों में बाढ़ के पानी को रोककर और सोखकर।
श्री रेड्डी ने यह भी कहा कि आर्द्रभूमि प्रवासी पक्षियों और अन्य वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण आवास के रूप में काम करती है। अनियोजित शहरी विकास, नालों के बेतरतीब बहाव और ठोस कचरे को आद्रभूमियों में फेंक दिये जाने के कारण उनका क्षरण बढॉ़ गया है, जिससे शहरों पर बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने आर्द्रभूमि संरक्षण को उच्च प्राथमिकता दी है, जिसके तहत 20 आर्द्रभूमियों को 'रामसर साइट' के रूप में नामित किया गया है। देश में सबसे अधिक रामसर साइट तमिलनाडु में है। संबोधन के बाद एक नेचर वॉक आयोजित की गई, जिसके दौरान छात्रों को अडयार मुहाने के पारिस्थितिक महत्व, आर्द्रभूमि की जैव विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र की सेवाओं और जलवायु परिवर्तन में लड़ने में आर्द्रभूमि की भूमिका के बारे में बताया गया।
बाद, एक निजी शैक्षणिक संस्थान के 'इको क्लब' और राष्ट्रीय सेवा योजना (National Service Scheme) के 100 छात्रों के साथ मुहाना क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान आर्द्रभूमि क्षेत्र से मुलायम प्लास्टिक कचरा सहित ठोस कचरा एकत्र किया गया। कुल 86 किलोग्राम कचरा इकट्ठा किया गया, जिसे एक अधिकृत रीसाइक्लिंग एजेंसी 'स्प्रेको रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड' के माध्यम से अलग कर पुनर्चक्रित किया गया। छात्रों के बीच पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इस कार्यक्रम में छात्रों को भागीदारी प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह भी दिये गये। उल्लेखनीय है कि आर्द्रभूमि के महत्व के बारे में लोगों को बताने, जागरूकता फैलाने और लोगों की भागीदारी को बढ़ाने के लिए हर साल दो फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है।



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Mon, Feb 02 , 2026, 07:44 PM