बीजिंग। चीन की राजधानी बीजिंग में वर्ष 2025 में भारी प्रदूषण (pollution) का सिर्फ एक दिन दर्ज किया गया है और राजधानी की आबो -हवा में यह परिवर्तन चौंकाने वाली कमी है क्योंकि वर्ष 2013 में ऐसे दिनों की संख्या 58 दिन दर्ज की गयी थी। । स्थानीय पर्यावरण अधिकारियों (Local environmental) ने रविवार को शहर के वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में बड़ी जीत की घोषणा की। इससे संकेत मिलता है कि भारी प्रदूषित दिन-जिनकी विशेषता पीएम 2.5 रीडिंग 150 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ऊपर होती है- चीनी राजधानी में मूल रूप से समाप्त हो गए हैं। पीएम2.5 रीडिंग, (airborne) वायु प्रदूषण का एक प्रमुख संकेतक, 2.5 माइक्रोन या उससे कम व्यास वाली हवा में मौजूद कणों की निगरानी का एक माप है। एक ऐतिहासिक उपलब्धि में शहर की 2025 में पीएम 2.5 की वार्षिक औसत सांद्रता 27.0 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही, जो निगरानी शुरू होने के बाद पहली बार 30-माइक्रोग्राम के मानक से नीचे आई है। ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2025 में पूरे वर्ष अच्छी हवा की गुणवत्ता 348 दिनों तक दर्ज की गई जो 2013 की तुलना में 144 दिन या लगभग पांच महीने अधिक है।
यह पहले की अपेक्षा एक महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि बीजिंग ऐतिहासिक रूप से गंभीर और बार-बार होने वाले स्मॉग से जूझता रहा है। 2013 में इसकी वार्षिक औसत पीएम2.5 सांद्रता 89.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई थी। वायु प्रदूषण एक प्रमुख मुद्दा है जो शहरी विकास को बाधित करता है और जन कल्याण को प्रभावित करता है। इस गंभीर चुनौती का सामना करते हुए बीजिंग ने एक अभूतपूर्व "नीले आकाश की रक्षा युद्ध" शुरू किया। शहर में मोबाइल स्रोतों, कोयला दहन, औद्योगिक गतिविधियों, उड़ने वाली धूल और दैनिक जीवन स्रोतों से प्रदूषण से निपटने के उपाय किए गये हैं। इसकेसाथ ही बीजिंग-तियानजिन-हेबेई क्षेत्र में क्षेत्रीय संयुक्त रोकथाम, नियंत्रण और वायु प्रदूषण के उपचार को लागू किया गया है। विशेषज्ञों ने हालांकि चेतावनी दी है कि हवा की गुणवत्ता में हाल का सुधार अभी तक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं, क्योंकि क्षेत्रीय वायुमंडलीय प्रदूषकों का उत्सर्जन अभी भी अधिक है। ऐसी स्थितियों में, शरद और सर्दियों के दौरान स्थिर हवा जैसे प्रतिकूल मौसम कारक प्रदूषकों के संचय का कारण बन सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय प्रदूषण होता है।
बीजिंग नगरपालिका पारिस्थितिकी और पर्यावरण ब्यूरो के उप निदेशक ल्यू बाओशियन ने कहा कि बीजिंग अगले पांच वर्षों में अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहेगा तथा वायु प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण को समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास ढांचे में गहराई से एकीकृत करेगा। चीनी सरकार ने वर्ष 2013 में राष्ट्रीय स्तर पर वायु प्रदूषण के खिलाफ युद्ध की घोषणा की थी और वायु प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण कार्य योजना (एपीपीसीएपी) हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय नीति ढांचा शुरू की। एपीपीसीएपी की शुरुआत के बाद, चीन दुनिया का पहला विकासशील देश बन गया जिसने पीएम2.5 सांद्रता को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास शुरू किये। बीजिंग ने वैज्ञानिक शासन, संस्थागत नवाचार और क्षेत्रीय सहयोग अपनाकर चीनी शहरों का नेतृत्व किया। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने मेगासिटी की हवा की गुणवत्ता में सुधार की उपलब्धियों को "बीजिंग चमत्कार" के रूप में सराहा है।



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Sun, Jan 04 , 2026, 06:39 PM