Winter season: सर्दियों का मौसम थायराइड के मरीज़ों के लिए थोड़ा मुश्किल और सेंसिटिव हो सकता है। ठंड से शरीर में सुस्ती, (lethargy) थकान, वज़न बढ़ना और ठंड लगने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। थायराइड की बीमारी में दवाओं के साथ-साथ सही डाइट भी बहुत ज़रूरी है। सर्दियों में लोग अक्सर गर्म, तली हुई और मीठी चीज़ें खाने लगते हैं, जिससे थायराइड के मरीज़ों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं और सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। कई बार गलत डाइट की वजह से दवाओं का असर भी कम दिखता है। ऐसे में इस बात पर खास ध्यान देना ज़रूरी है कि सर्दियों में क्या खाएं और क्या नहीं ताकि लक्षण कंट्रोल में रहें और सेहत अच्छी बनी रहे। ऐसे में आइए जानते हैं कि थायराइड के मरीज़ों को सर्दियों में किन चीज़ों से दूर रहना चाहिए।
थायराइड की दिक्कतें मुख्य रूप से शरीर में हॉर्मोन के इम्बैलेंस की वजह से होती हैं। इसके कई ज़रूरी कारण हैं, जिनमें जेनेटिक्स एक बड़ा कारण है; अगर परिवार में किसी को यह दिक्कत है, तो इसके होने के चांस बढ़ जाते हैं। साथ ही, हमारी डाइट में आयोडीन की मात्रा में उतार-चढ़ाव (बहुत ज़्यादा या बहुत कम) सीधे तौर पर थायराइड ग्लैंड के काम करने के तरीके पर असर डालता है। महिलाओं में हार्मोनल बदलावों की वजह से थायरॉइड की समस्या होने की संभावना ज़्यादा होती है, खासकर प्रेग्नेंसी, बच्चे के जन्म या मेनोपॉज़ के दौरान।
इसके अलावा, आजकल बहुत ज़्यादा स्ट्रेस और कम नींद लेने से भी इस ग्लैंड के काम करने में दिक्कत आती है। दूसरी ओर, हाशिमोटो या ग्रेव्स डिज़ीज़ जैसी ऑटोइम्यून बीमारियाँ भी थायरॉइड के लिए ज़िम्मेदार होती हैं। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही थायरॉइड ग्लैंड पर हमला कर देता है। शरीर में न्यूट्रिएंट्स, खासकर सेलेनियम और ज़िंक की कमी, साथ ही बढ़ता प्रदूषण और कुछ दवाओं के साइड इफ़ेक्ट से भी थायरॉइड ग्लैंड या तो ओवरएक्टिव (हाइपरथायरायडिज़्म) या अंडरएक्टिव (हाइपोथायरायडिज़्म) हो सकता है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल, एक्सरसाइज़ की कमी और प्रोसेस्ड फ़ूड का ज़्यादा सेवन शरीर के मेटाबॉलिज़्म को बिगाड़ देता है, जिससे थायरॉइड की समस्या बढ़ जाती है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि थायरॉइड के मरीज़ों को सर्दियों में ज़्यादा तला-भुना, मसालेदार और जंक फ़ूड खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे वज़न बढ़ता है और थकान होती है। सोया और सोया प्रोडक्ट्स का ज़्यादा सेवन करने से थायरॉइड हार्मोन का बैलेंस बिगड़ सकता है। पत्तागोभी, फूलगोभी और ब्रोकली जैसी सब्ज़ियों को कच्चा ज़्यादा खाने से भी यह प्रॉब्लम बढ़ सकती है। इसके अलावा, ज़्यादा मीठा, मैदा और बेकरी प्रोडक्ट्स भी नुकसानदायक हो सकते हैं। सर्दियों में चाय और कॉफ़ी का ज़्यादा सेवन भी थायरॉइड के मरीज़ों के लिए सही नहीं है। इसलिए, इन चीज़ों को कम करने से लक्षणों को कंट्रोल करना आसान हो जाता है।
थायरॉइड में खाने वाली चीज़ें
थायरॉइड के मरीज़ों को सर्दियों में बैलेंस्ड और पौष्टिक खाना खाना चाहिए। गर्म दूध, दही और चीज़ कम मात्रा में खाने से शरीर को ताकत मिलती है। हरी सब्ज़ियाँ, मौसमी फल और साबुत अनाज ज़रूरी न्यूट्रिएंट्स देते हैं। बादाम, अखरोट और अलसी जैसे नट्स और सीड्स शरीर को एनर्जी देते हैं और ठंड से बचाते हैं। भरपूर प्रोटीन मिलने से थकान कम होती है और शरीर एक्टिव रहता है। ये चीज़ें थायरॉइड के मरीज़ों की सेहत अच्छी रखने में मदद करती हैं।
थायरॉइड में यह भी ज़रूरी है
रोज़ बताए गए समय पर दवाएँ लें
ठंड के मौसम में शरीर को अच्छी तरह ढककर रखें।
रोज़ हल्की एक्सरसाइज़ या योग करें।
पूरी और गहरी नींद लें।
स्ट्रेस से बचने की कोशिश करें।
समय-समय पर अपना थायरॉइड चेक करवाते रहें।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Mon, Dec 29 , 2025, 10:00 PM