National Milk Day 2025: दूध को न्यूट्रिशन का सबसे अच्छा और नेचुरल सोर्स माना जाता है। बचपन से लेकर बुढ़ापे तक, दूध हमारी हेल्थ को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद कैल्शियम, फास्फोरस, प्रोटीन और ज़रूरी विटामिन न सिर्फ हड्डियों को मजबूत करते हैं बल्कि मेंटल एबिलिटी, इम्यूनिटी और हार्ट हेल्थ को भी बेहतर बनाते हैं। इसी अहम योगदान को हाईलाइट करने और लोगों को रेगुलर दूध पीने के महत्व के बारे में अवेयर करने के लिए हर साल नेशनल मिल्क डे मनाया जाता है।
नेशनल मिल्क डे कब मनाया जाता है?
नेशनल मिल्क डे (National Milk Day) हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है। 2025 में यह दिन बुधवार को पड़ रहा है। यह तारीख भारत के डेयरी सेक्टर के इतिहास में एक खास याद लेकर आती है।
हम नेशनल मिल्क डे क्यों मनाते हैं?
नेशनल मिल्क डे की शुरुआत डॉ. वर्गीज कुरियन के जन्मदिन पर हुई थी। डॉ. कुरियन को भारत में व्हाइट रेवोल्यूशन का जनक माना जाता है। अमेरिका से लौटने के बाद, उन्होंने डेयरी सेक्टर में काम करना शुरू किया और किसानों के लिए एक ऑर्गनाइज्ड और प्रॉफिटेबल स्ट्रक्चर बनाने का संकल्प लिया। उनकी पहल से कैरा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड बना, जो बाद में मशहूर ब्रांड अमूल बना। उनकी लीडरशिप में ऑपरेशन फ्लड शुरू किया गया, जिसने भारत में दूध प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन को पूरी तरह बदल दिया।
इस कैंपेन के तीन फेज़ में, पूरे देश में एक मज़बूत मिल्क ग्रिड बनाया गया, जिससे लाखों किसानों को सही दाम मिले और देश दूध प्रोडक्शन में आत्मनिर्भर बना। 2014 में, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड, डेयरी फेडरेशन ऑफ़ इंडिया और देश के 22 स्टेट-लेवल मिल्क यूनियन ने मिलकर तय किया कि डॉ. कुरियन के योगदान को याद करने के लिए हर साल 26 नवंबर को नेशनल मिल्क डे मनाया जाएगा।
नेशनल मिल्क डे का महत्व
दूध न सिर्फ़ हमारे खाने का एक ज़रूरी हिस्सा है, बल्कि देश की इकॉनमी और गांव की रोज़ी-रोटी की रीढ़ भी है। भारत दुनिया के सबसे बड़े दूध प्रोड्यूस करने वाले देशों में से एक है और लाखों परिवार अपनी इनकम के लिए डेयरी पर निर्भर हैं।
इसे मनाने का मकसद क्या है?
लोगों को दूध और दूध से बने प्रोडक्ट्स के न्यूट्रिशनल फायदों के बारे में जागरूक करना
डेयरी इंडस्ट्री में किसानों के योगदान को पहचान देना
डॉ. वर्गीस कुरियन के शानदार काम को याद करना
देश में हेल्दी और न्यूट्रिशियस खाने की आदतों को बढ़ावा देना
नेशनल मिल्क डे सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं है, बल्कि यह भारत की मिल्क क्रांति, किसानों की कड़ी मेहनत और देश की न्यूट्रिशनल सिक्योरिटी का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हर दिन दूध पीने जैसी छोटी-छोटी कोशिशें भी न सिर्फ हमारी हेल्थ बल्कि किसानों की रोजी-रोटी को भी मजबूत कर सकती हैं।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Wed, Nov 26 , 2025, 02:31 PM