पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने गुरूवार को कहा कि बच्चों के जीवन में खुशहाली लाने का एकमात्र रास्ता उन्हें शिक्षित और ज्ञानवान बनाना है। चौधरी ने आज बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग पटना (Child Labour Commission in Patna) द्वारा, बाल श्रम की रोकथाम उन्मूलन, विमुक्ति एवं पुनर्वास को लेकर आयोजित एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते कहा कि बाल श्रमिक होना समाज के लिए कोढ़ और अभिशाप है। उन्होंने कहा कि यदि आज भी हजारों बच्चे बाल श्रमिक के रूप में काम कर रहे हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम आयोग का गठन इसलिए किया गया है, जिससे बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के जीवन में खुशहाली लाई जा सके।
बच्चों के जीवन में खुशहाली लाने का एकमात्र रास्ता उन्हें शिक्षित और ज्ञानवान बनाना है। सिर्फ बाल श्रम से मुक्त कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे बच्चों को स्कूल तक पहुंचाया जाए। उपमुख्यमंत्री ने बाल श्रम के खिलाफ काम करने वाली संस्थाओं की भी सराहना की।उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चे ही अधिकतर बाल श्रम के शिकार होते हैं। इन्हें बाल श्रम से मुक्त कराकर उनकी प्रतिभा का सही उपयोग करने का अवसर देना जरूरी है।
श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। उन्होंने बताया कि हर पंचायत में हाईस्कूल का निर्माण किया गया है और अगले दो वर्षों में हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, जिससे खासकर बच्चियों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। उन्होंने बताया कि अब अनुमंडल स्तर पर आईटीआई, पॉलिटेक्निक, नर्सिंग कॉलेज और जिला स्तर पर महिलाओं के लिए आईटीआई और पारा मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं।उन्होंने कहा कि बिहार में इंजीनियरिंग की पढ़ाई सबसे सस्ती है, जहां मात्र 10 रुपये में इंजीनियरिंग और पांच रुपये में पॉलिटेक्निक की पढ़ाई हो रही है। राज्य के सभी 38 जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किए गए हैं और मेडिकल शिक्षा का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। पहले जहां केवल छह मेडिकल कॉलेज थे, अब 27 मेडिकल कॉलेज तैयार हो रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मैट्रिक, इंटर और ग्रेजुएशन स्तर तक छात्रवृत्ति देकर छात्रों को आगे बढ़ने में मदद कर रही है। उन्होंने बाल श्रम से बच्चों को मुक्त कराने वाले संगठनों से अपील की कि वे बड़े स्तर पर काम करें और हर पंचायत को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य रखें।उन्होंने कहा कि जैसे कोसी नदी कभी बिहार के लिए अभिशाप थी। अब जल प्रबंधन के कारण वरदान बन गई है, उसी तरह बाल श्रम जैसे अभिशाप को भी खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि बाल श्रम आयोग और श्रम विभाग को इस दिशा में और अधिक सक्रिय होकर काम करना होगा।उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान की धरती है और यहां के बच्चों को ज्ञान से दूर नहीं रहने दिया जाएगा।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Thu, Jan 29 , 2026, 06:24 PM