बर्लिन। अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन (Hillary Clinton) ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) प्रशासन एपस्टीन फाइल्स को लेकर "लीपापोती" करने की कोशिश कर रहा है। क्लिंटन ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि जनता को मामले से जुड़ी सभी सामग्री देखने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि दस्तावेजों को जारी करने की प्रक्रिया "धीमी" की जा रही है और पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। व्हाइट हाउस ने सुश्री क्लिंटन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन ने अभूतपूर्व पारदर्शिता दिखाई है और हजारों पन्नों के दस्तावेज जारी किए हैं। बयान में दावा किया गया कि पीड़ितों के लिए ट्रंप प्रशासन ने "डेमोक्रेट्स से अधिक" कदम उठाए हैं। गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने "एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट" पारित होने के बाद लाखों नये दस्तावेज जारी किये। हालांकि, उप अटॉर्नी जनरल ने बताया कि लगभग 30 लाख अतिरिक्त पन्ने संवेदनशील चिकित्सीय रिकॉर्ड, बाल शोषण से संबंधित विवरण और चल रही जांच से जुड़ी सामग्री के कारण रोके गए हैं।
गौरतलब है कि दिवंगत फाइनेंसर और दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी जांच फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद अमेरिका में डेमोक्रेट्स और सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। इन फाइलों में दोनों दलों के कई हाई-प्रोफाइल नामों का उल्लेख सामने आया है। हालांकि, किसी फाइल में नाम का जिक्र होना अपने आप में किसी गलत काम का सबूत नहीं माना जाता है।
केंटकी के रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने न्याय विभाग से एपस्टीन और उसके सहयोगियों के खिलाफ पूर्व अभियोजन निर्णयों से संबंधित आंतरिक मेमो जारी करने की मांग की है। क्लिंटन ने यह भी कहा कि अगर किसी को गवाही के लिए बुलाया जाता है तो उसे पेश होना चाहिए। ब्रिटेन के राजपरिवार से जुड़े प्रिंस एंड्रयू का नाम भी फाइलों में कई बार सामने आया है। प्रिंस एंड्रयू ने किसी भी तरह के दुराचार से इनकार किया है।
सुश्री क्लिंटन ने कहा कि वे और उनके पति 27 फरवरी को कांग्रेस की सुनवाई में पेश होंगे और बंद कमरे की बजाय खुली सुनवाई चाहते हैं। उन्होंने दोहराया, "हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। हम चाहते हैं कि सब कुछ सार्वजनिक हो। "
पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का नाम भी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में आया है। उन्होंने स्वीकार किया है कि वे एपस्टीन को जानते थे, लेकिन दो दशक पहले ही उनसे संपर्क समाप्त कर लिया था। क्लिंटन दंपत्ति ने किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी होने से इनकार किया है। एपस्टीन की 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में मौत हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या करार दिया गया, हालांकि इस पर अब भी कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। एपस्टीन की सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल को बाद में देह व्यापार मामले में दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई गई।



Mahanagar Media Network Pvt.Ltd.
Sudhir Dalvi: +91 99673 72787
Manohar Naik:+91 98922 40773
Neeta Gotad - : +91 91679 69275
Sandip Sabale - : +91 91678 87265
info@hamaramahanagar.net
© Hamara Mahanagar. All Rights Reserved. Design by AMD Groups
Tue, Feb 17 , 2026, 09:11 PM