नीतीश कुमार का महिलाओं के लिए मास्टरस्ट्रोक! अब बिहार की शहरी महिलाओं की चमकेगी किस्मत, जानें नियम और शर्तें 

Tue, Jan 06 , 2026, 03:41 PM

Source : Hamara Mahanagar Desk

पटना:  बिहार सरकार (Bihar government) ने महिलाओं को, खासतौर पर शहरी महिलाओं को ध्यान में रखते हुए कमर कस ली है। अब बिहार में एक बार फिर महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये भेजने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Chief Minister's Women's Employment Scheme) के तहत राज्य भर से कुल 19 लाख महिलाओं ने आवेदन किया है, जिनमें करीब 4 लाख महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र से और लगभग 15 लाख महिलाएं शहरी इलाकों से हैं। पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को इस योजना का लाभ अधिक मिला था, क्योंकि वहां पहले से जीविका समूह सक्रिय थे। वहीं शहरी क्षेत्र की कई महिलाएं इससे वंचित रह गई थीं। 

क्या- क्या पता करेगी सरकार?
सरकार ने इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन (online applications) आमंत्रित किए थे, जिसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर थी। हालांकि, 10 हजार रुपये की पहली किस्त देने से पहले सरकार ने कुछ शर्तें तय की हैं। सबसे पहले 15 लाख शहरी महिला आवेदकों के आवेदनों की जांच की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि संबंधित परिवार में कोई आयकरदाता तो नहीं है। इसके अलावा परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी, आंगनबाड़ी सेविका या सहायिका, आशा कार्यकर्ता या किसी भी तरह का संविदा कर्मी नहीं होना चाहिए। साथ ही, एक परिवार से सिर्फ एक ही महिला को इस योजना का लाभ मिलेगा। 

ये शर्ते होंगी लागू 
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को इस शर्तों को पूरा करना होगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कुल 19 लाख आवेदकों में से जो महिलाएं इन शर्तों पर खरी नहीं उतरेंगी, उन्हें सूची से हटा दिया जाएगा। शेष पात्र महिलाओं को जीविका समूह से जुड़ना अनिवार्य होगा।  इसके बाद ही उन्हें स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये की पहली किस्त दी जाएगी। पूर्णियां नगर आयुक्त कुमार मंगलम ने बताया कि पूर्णियां शहरी क्षेत्र से करीब 31 हजार महिलाओं ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आवेदन किया है। सभी आवेदनों की जांच नियम और शर्तों के अनुसार कराई जा रही है। पात्र महिलाओं को 12 से 15 सदस्यों वाले नए या पहले से बने आजीविका समूह से जुड़ना होगा। समूह से जुड़ने के बाद ही पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। 

क्या है अधिकारीयों का कहना ?
नगर आयुक्त ने बताया कि सभी लाभुकों के आधार से जुड़े बैंक खाते में ही राशि भेजी जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाएं वास्तव में स्वरोजगार से जुड़ रही हैं। नगर निगम और बैंक अधिकारी मिलकर समूहों की ग्रेडिंग करेंगे। इसी आधार पर आगे दूसरी किस्त के रूप में 2 लाख रुपये और फिर ऋण चुकता करने के बाद तीसरी किस्त में 2.50 लाख से लेकर 6 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। हालांकि, यह ऋण महिलाओं को हर हाल में चुकाना होगा, अन्यथा उनका सिविल स्कोर खराब हो सकता है और भविष्य में ऋण लेने में परेशानी आ सकती है। 

चुनाव के बाद यह योजना बंद हो जाएगी- विपक्ष का दावा 
चुनाव के दौरान जब सरकार ने महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये भेजे थे, तब विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए थे। विपक्ष का दावा था कि चुनाव के बाद यह योजना बंद हो जाएगी। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव के बाद भी शहरी महिलाओं को योजना से जोड़ने का फैसला लिया है। इसे राजनीतिक गलियारों में नीतीश कुमार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में शहरी महिलाएं लाभान्वित होंगी। 

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