Identify Real or Fake Rudraksha : हिंदू धर्म (Hinduism) में रुद्राक्ष (Rudraksha) को बहुत महत्वपूर्ण और विशेष महत्व दिया गया है. मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं (tears of Lord Shiva) से हुई थी. माना जाता है कि जो भी व्यक्ति रुद्राक्ष धारण करता है उसके खराब ग्रह सुधर के सफल और शुभ परिणाम (successful and auspicious results) देने लगते हैं. रुद्राक्ष गले में धारण करने से दिल संबंधित बीमारियां, तनाव, चिंता, ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है, लेकिन रुद्राक्ष के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इन दिनों धड़ल्ले से आस्था के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है. धोखेबाज लोग राष्ट्र में रुद्राक्ष के नाम पर भद्राक्ष (Bhadraksh) बेंचकर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं. भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं कैसे पहचाने असली और नकली रुद्राक्ष.
रुद्राक्ष की असली और नकली प्रजातियां
पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद इलेइओकार्पस गैनीट्रस प्रजाति को शुद्ध रुद्राक्ष माना गया है और इलेइओकार्पस लेकुनोसस को नकली प्रजाति माना गया है. भारतीय बाजारों में इस समय प्लास्टिक और फाइबर के बने हुए रुद्राक्ष भी बिक रहे हैं. कई व्यापारी लकड़ी को रुद्राक्ष का आकार देकर या फिर टूटे हुए रुद्राक्ष को जोड़कर नया रुद्राक्ष बनाकर बाजार में बेच रहे हैं.
इस तरह से पहचानें रुद्राक्ष और भद्राक्ष का अंतर



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Wed, Aug 09 , 2023, 01:04 AM