अलका याज्ञनिक की अचानक चली गई सुनने की क्षमता; इस दुर्लभ बीमारी के कारण और लक्षण क्या हैं? 

Tue, Jun 18, 2024, 03:48

Source : Hamara Mahanagar Desk

मुंबई: बॉलीवुड में कई सुपरहिट गाने गाने वाली सिंगर अलका याग्निक(Alka Yagnik) की एक पोस्ट ने सभी को चौंका दिया। अलका ने सोशल मीडिया पर एक बोल्ड पोस्ट लिखकर खुलासा किया कि उन्हें दुर्लभ संवेदी तंत्रिका श्रवण हानि की समस्या है। इसके चलते उन्हें अचानक सुनाई देना बंद हो गया है। अलका की पोस्ट पढ़कर कई लोगों ने चिंता जताई है। कुछ सप्ताह पहले जब वह विमान से उतरी तो अचानक उसे सुनाई देना बंद हो गया। डॉक्टर द्वारा जांच के बाद इस दुर्लभ समस्या का पता चला।डॉक्टरों ने बताया कि वायरल अटैक के कारण वह सुन नहीं सकते। लेकिन अलका की पोस्ट पढ़ने के बाद कई लोगों के मन में सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस को लेकर तरह-तरह के सवाल उठे। आइए जानते हैं इसके कारण क्या हैं, इसके लक्षण क्या हैं और इसे होने से रोकने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए...

दुर्लभ सेंसोरिनुरल तंत्रिका श्रवण हानि क्या है?
श्रवण हानि आंतरिक कान या तंत्रिकाओं की क्षति के कारण होती है जो कान से मस्तिष्क तक ध्वनि संचारित करती हैं। इसे सेंसरिनुरल तंत्रिका श्रवण हानि (दुर्लभ सेंसरिनुरल तंत्रिका श्रवण हानि) कहा जाता है। इसे दुर्लभ इसलिए कहा जाता है क्योंकि श्रवण हानि के सभी मामलों में यह केवल 5 से 15 प्रतिशत ही होता है।

कारण क्या हैं?
सेंसरिनुरल तंत्रिका श्रवण (sensorineural nerve hearing loss) हानि के कई संभावित कारण हैं। उनमें से कुछ जन्म से ही मौजूद हो सकते हैं। कुछ आनुवंशिक कारकों के कारण हो सकते हैं। गर्भावस्था या प्रसव के दौरान जटिलताएँ भी इस समस्या का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा अन्य कारणों से भी सुनने की क्षमता में कमी आ सकती है। इसमें निम्नलिखित कारण शामिल हो सकते हैं।

तेज़ शोर- तेज़ शोर के लंबे समय तक संपर्क में रहने से आंतरिक कान की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, जिससे सुनने की क्षमता कम हो सकती है। यह संवेदी तंत्रिका श्रवण हानि का सबसे आम कारण है।
उम्र बढ़ना - जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे शरीर में कई प्राकृतिक परिवर्तन होते हैं। उम्र के साथ कान की कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं। इससे सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ता है।
संक्रमण और बीमारियाँ- कुछ संक्रमण और बीमारियाँ भी सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इनमें मेनिनजाइटिस, घेंघा, खसरा और मेनियार्स जैसी ऑटोइम्यून बीमारियाँ शामिल हैं।
आघात - सिर की चोट या कान पर आघात श्रवण तंत्रिका को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे सेंसरिनुरल तंत्रिका श्रवण हानि हो सकती है।
ओटोटॉक्सिक दवाएं - एंटीबायोटिक्स और कीमोथेरेपी दवाएं भी आंतरिक कान की कोशिकाओं को प्रभावित कर सकती हैं। इससे सुनने की क्षमता भी कम हो सकती है।

क्या लक्षण हैं?
सेंसरिनुरल तंत्रिका श्रवण हानि के लक्षण(symptoms of sensorineural nerve hearing loss) इसकी गंभीरता और स्थान पर निर्भर करते हैं। कुछ सामान्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं: - दूसरों की बात समझने में कठिनाई - भिनभिनाना या गुनगुनाना - कानों में लगातार घंटियां, भिनभिनाहट या फुसफुसाहट - तेज आवाज सुनने में कठिनाई - संतुलन संबंधी समस्याएं

यदि आप इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं, तो उचित निदान और उपचार के लिए ऑडियोलॉजिस्ट से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।

उपचार के क्या विकल्प हैं?
दुर्भाग्य से, संवेदी तंत्रिका श्रवण हानि आमतौर पर स्थायी (permanent)होती है और इसे उलटा नहीं किया जा सकता है। हालाँकि, लक्षणों को प्रबंधित करने और इस समस्या वाले लोगों के लिए जीवन को थोड़ा आसान बनाने के लिए कई उपचार विकल्प उपलब्ध हैं। इनमें दवाएं, कॉकलियर इम्प्लांट, श्रवण यंत्र और सहायक श्रवण उपकरण शामिल हैं।

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